शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से मुश्किल में छोटे निवेशक
Stock market :देश में 2020 से 2025 के बीच लगभग 17 करोड़ डिमैट खाते खोले गये. वित्त वर्ष 2025 में ही चार करोड़ से ज्यादा नये खाते खुले. इस वर्ष मार्च तक करीब 3.2 करोड़ नये डिमैट खाते खुले हैं, जिससे कुल खातों की संख्या बढ़कर 22.5 करोड़ से अधिक हो गयी है. पिछले पांच वर्षों में डिमैट खातों की संख्या पांच गुना से अधिक बढ़ी है. कोविड के दौरान इन खातों में भारी वृद्धि हुई, जब लॉकडाउन में लोगों ने शेयर बाजार में निवेश को रोजगार के समान मानकर खाली समय का सदुपयोग किया. उन्होंने बाजार की लगातार निगरानी कर निवेश से लाभ कमाने का भी प्रयास किया.
बड़ी संख्या में डिमैट खाते खोले जाने का मुख्य कारण मजबूत शेयर बाजार, तेज आइपीओ गतिविधियां और खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी रहीं. जब बाजार मजबूत होता है, तब शेयर के दाम बढ़ते हैं या उनमें तेजी की उम्मीद रहती है. सस्ती दर पर स्मार्टफोन और डाटा उपलब्धता, खाते खोलने की सरल प्रक्रिया और अर्थव्यवस्था का स्थिर रहना भी प्रमुख कारण हैं. मजबूत अर्थव्यवस्था से निवेशकों को अपने निवेश पर बेहतर प्रतिफल प्राप्त होता है.
पर पिछले कुछ समय से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बने रहने और शेयरों में अपेक्षित रिटर्न न मिलने से खुदरा........
