एआइ के नियमन के लिए कानून बने
Regulate AI : एंथ्रोपिक ने जिस क्लॉड माइथोस प्रीव्यू को जारी किया, वह एक ऐसा एआइ मॉडल है, जिसे उसके अपने इंजीनियरों ने अत्यधिक खतरनाक बताया था. लिहाजा इसे सीमित, सत्यापित भागीदारों तक ही उपलब्ध कराया गया. लेकिन इसकी घोषणा के दिन अनधिकृत उपयोगकर्ताओं ने इसे एक्सेस कर लिया. यह मॉडल स्वतः ही कमजोरियों की खोज करता है, विभिन्न सिस्टमों में एक्सप्लॉइट्स को जोड़ता है और अपने निशान मिटा देता है. इसने खतरनाक एआइ क्षमताओं को मापने के लिए बनाये गये हर मानक को पार कर लिया है. यानी नियंत्रण व्यवस्था शुरू होने से पहले ही विफल हो गयी.
यह कोई काल्पनिक स्थिति नहीं है. यह एक वास्तविक क्षमता विफलता है, जिसके लिए पृथ्वी के किसी भी क्षेत्राधिकार में कोई कानूनी उपाय मौजूद नहीं है. किसी पर भी आरोप नहीं लगाया गया है. किसी नियामक ने हस्तक्षेप नहीं किया है. इस लीक से सक्षम किसी हमले के भविष्य के किसी भी पीड़ित के पास आज कोई स्पष्ट कानूनी उपाय उपलब्ध नहीं है.
यही वह समस्या है, जिसे अब कानून को संबोधित करना होगा-सामान्य रूप से एआइ को नहीं, बल्कि विफलता के इस विशिष्ट पैटर्न और उससे जुड़े कानूनी शून्य को. पहली खामी है स्वायत्त एआइ से होने वाले नुकसान के लिए कठोर उत्तरदायित्व का अभाव. वर्तमान नागरिक दायित्व ढांचे में वादी को यह साबित करना पड़ता है कि किसी विशिष्ट प्रतिवादी ने किसी विशिष्ट लापरवाही के माध्यम से नुकसान पहुंचाया. जब माइथोस स्वयं ही हमलों की शृंखला बनाता है-लक्ष्य चुनता है, हमला तैयार करता है, और पहचान से बचता है-तो कारण-परिणाम की शृंखला किसी भी........
