बिहार विधानसभा चुनाव में मोदी-शाह की साख कसौटी पर
–विक्रम उपाध्याय-
Bihar assembly elections : बिहार का चुनाव सिर पर है. कहने को यह एक राज्य का चुनाव भर है, लेकिन इसका महत्व बीजेपी और खास कर पीएम मोदी के लिए बहुत ज्यादा है. इस चुनाव के परिणाम की व्याख्या भी इस बार अलग से होगी. घरेलू और बाहरी मोर्चे पर जिस तरह की चुनौतियां सामने हैं और जिस तरह से विपक्ष एनडीए को घेरने की कोशिश कर रहा है, उससे यह देखना बहुत दिलचस्प होगा कि बीजेपी इससे कैसे पार पाती है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और अमेरिका के दवाब से लड़ने की सरकार की जिजीविषा पर दुनिया हैरान है और भारत की ओर गर्व से देख रही है. पर क्या प्रधानमंत्री बिहार के मतदाताओं पर भी जादू चलाने में कामयाब होंगे.
इसमें कोई दो राय नहीं कि 2014 से लेकर अभी तक का बीजेपी का सफर मोदी युग के नाम से ही जाना जा रहा है. केवल इसलिए नहीं कि बीजेपी इस दौर में केंद की सरकार का नेतृत्व करने वाली पार्टी है, बल्कि इसलिए भी इस दौर में पूरी दुनिया भी भारत को मोदी के भारत के रूप देखने की आदि हो चुकी है. विश्व के पटल पर जितने लोग आज भारत को जान रहे हैं, वह पीएम मोदी को भी अनिवार्य रूप से पहचान रहे हैं. ऐसे विशाल व्यक्तित्व का निर्माण किसी जादूगरी का परिणाम नहीं है, बल्कि मेहनत, योग्य लोगों से बनी टीम का गठन और श्रेष्ठ परिणाम हासिल करने के लिए ठोस नियोजन के भी इसमें बराबर के योगदान हैं. पीएम मोदी इसी के लिए जाने भी........
