Success Story: 12 साल की उम्र में की शादी, आज 112 मिलियन डॉलर की मालकिन हैं भारत की पहली महिला उद्यमी
Success Story: कल्पना सरोज की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. एक दलित लड़की जो झुग्गी-झोपड़ियों में पली-बढ़ी, बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसे मुश्किलकों कोण पार कर आज एक सफल उद्योगपति और पद्मश्री सम्मानित महिला हैं. उन्होंने न सिर्फ कमानी ट्यूब्स जैसी डूबती कंपनी को नया जीवन दिया, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरीं. उनकी यह यात्रा समाज को सिखाती है कि जज्बा, मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है. यह कहानी सिर्फ एक व्यवसायिक सफलता की नहीं, बल्कि समाज की जंजीरों को तोड़ने वाली महिला शक्ति की है.
भारत की पहली महिला उद्यमी की अगर बात की जाए तो कल्पना सरोज पहली भारतीय महिला हैं, जिन्हें भारत की पहली महिला उद्यमी के रूप में जाना जाता है. वह एक भारतीय महिला उद्यमी और टेडक्स स्पीकर हैं. वह मुंबई में कमानी ट्यूब के अध्यक्ष के रूप में कार्य करती हैं, जो तांबा और तांबे से बने समान का उत्पादन करता है. दलित समुदाय के सदस्य के रूप में गरीबी में जन्मी, वह एक सफल उद्यमी बनने के लिए जानी जाती हैं, जिन्होंने कामानी ट्यूब कंपनी की संकटग्रस्त संपत्ति खरीदी और इसे मुनाफे के लिए प्रेरित किया. उन्हें व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में 2013 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित भी किया गया था.
कल्पना सरोज एक आत्मनिर्भर उद्यमी और प्रमुख व्यवसायिक लीडर हैं. विषम परिस्थितियों से उठकर उन्होंने कई........
