Anvesha Satellite : सेना को मिलेगी तीसरी आंख, आसमान से दुश्मनों की सटीक जानकारी आएगी
Anvesha Satellite : इसरो ने बताया कि पीएसएलवी-सी62 रॉकेट के तीसरे चरण में तकनीकी दिक्कत सामने आई. इसरो प्रमुख वी. नारायणन के अनुसार, इस वजह से रॉकेट अपनी तय उड़ान दिशा से थोड़ा भटक गया. मिशन में आई इस गड़बड़ी को समझने के लिए इसरो ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
इसरो के पीएसएलवी-सी62 रॉकेट को श्रीहरिकोटा से EOS-N1 अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट समेत 14 अन्य सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करना था. इस बीच लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि अन्वेषा आखिर है क्या और इससे क्या लाभ होता? तो आइए जानते हैं इसके बारे में इस आर्टिकल में….
अन्वेषा यानी EOS-N1 सैटेलाइट को DRDO ने तैयार किया है. इसकी तैनाती अंतरिक्ष में की जानी थी. धरती से करीब 600 किलोमीटर ऊपर सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट (SSO) में इसे स्थापित किया जाना था. पृथ्वी के चारों तरफ की ऐसी कक्षा में इसे तैनात किया जाना था जहां से........
