व्यावसायिक हित नहीं, जन स्वास्थ्य महत्वपूर्ण
Public health : किसी देश के राजनेताओं का जनता को उनकी खान-पान की आदतों के बारे में सलाह देना एक दुर्लभ बात है. लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर राष्ट्र को संबोधित करते हुए बीमारियों से बचाव और स्वस्थ खानपान के बारे में सलाह देते रहते हैं. इसका जनता पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है, और लोग अपनी पूरी क्षमता से उसका पालन करने का प्रयास करते हैं. कुछ समय पहले उन्होंने देश में मोटापे की बढ़ती समस्या को लेकर लोगों को सलाह दी थी कि वे खाना पकाने वाले तेल का इस्तेमाल कम से कम 10 प्रतिशत तक कम कर दें.
आज भारत एक ऐसे जन स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है, जो तेजी से फैल रहा है. मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग की बढ़ती दरें, अब केवल समाज के समृद्ध शहरी वर्गों तक ही सीमित नहीं हैं. अब वे समाज के सभी वर्गों में फैल रही हैं, जिनमें बच्चे और युवा भी शामिल हैं. सरकार मानती है कि इस संकट का एक मुख्य कारण पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का बढ़ता सेवन है, जिनमें वसा, चीनी और नमक की मात्रा ज्यादा होती है-जिन्हें तकनीकी रूप से ‘एचएफएसएस’ कहा जाता है. हाल के अनुमान बताते हैं कि भारतीय वयस्कों और किशोरों में अधिक वजन और मोटापे की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि भारत के पास पहले से ही मधुमेह........
