कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बदल रही स्वास्थ्य व्यवस्था
Artificial intelligence : वर्ष की शुरुआत में नयी दिल्ली में आयोजित 'एआइ इंपैक्ट समिट' ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) की अभूतपूर्व संभावनाओं को रेखांकित किया. उस सम्मेलन में पुणे के एक हेल्थ-टेक स्टार्टअप द्वारा विकसित एआइ सक्षम उपकरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जो सर्वाइकल कैंसर की सस्ती और सुलभ प्रारंभिक जांच को संभव बनाता है. वहीं, 'वाइसा एआइ' ने यह प्रदर्शित किया कि एआइ आधारित चैटबॉट भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता भी प्रभावी ढंग से प्रदान कर सकते हैं. असल में, एआइ जटिल चिकित्सीय आंकड़ों का विश्लेषण कर चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हैं.
एआइ प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआइ जैसी छवियों, प्रयोगशाला रिपोर्टों और जीनोमिक आंकड़ों का तीव्र एवं सटीक विश्लेषण कर सकती है. इससे रोगों की समय पर पहचान, उपचार योजना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है. भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था एआइ के व्यापक उपयोग के लिए अत्यंत अनुकूल है. यद्यपि, देश में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात लगभग 1:811 है, जो डब्ल्यूएचओ के 1:1000 के मानक से बेहतर है, फिर भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में भारी........
