पाकिस्तान से दूरी बनाते तारिक रहमान, पढ़ें सुबीर भौमिक का आलेख |
सुबीर भौमिक, वरिष्ठ पत्रकार
Bangladesh: बांग्लादेश ने विगत 26 मार्च को ‘नरसंहार दिवस’ के रूप में मनाया और नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस अवसर पर 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा किये गये ‘क्रूर और सुनियोजित’ हत्याकांडों की कड़ी आलोचना करते हुए दुनिया का ध्यान इस ओर दिलाते हुए उसे नरसंहार की मान्यता दिलाने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कहा कि स्वतंत्रता प्रेमी बांग्लादेश के इतिहास में 25-26 मार्च, 1971 का दिन ‘सबसे शर्मनाक और क्रूर दिनों’ में से एक था. उन्होंने कहा, “उस अंधेरी रात में पाकिस्तानी कब्जे वाली सेना ने ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ के नाम पर निहत्थे बांग्लादेशी लोगों के खिलाफ इतिहास के सबसे जघन्य नरसंहारों में से एक को अंजाम दिया था. उन्होंने ढाका विश्वविद्यालय, पिलखाना और राजारबाग पुलिस लाइंस सहित कई जगहों पर शिक्षकों, बुद्धिजीवियों व निर्दोष नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलायीं, जिससे अनेक लोग मारे गये थे.”
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने 25 मार्च, 1971 की रात से शुरू हुई हत्याओं को ‘पूर्व नियोजित नरसंहार’ बताया और राष्ट्र से शहीदों के बलिदान को याद रखते हुए उन्हें गहरी श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री रहमान की इन टिप्पणियों ने स्वाभाविक ही पाकिस्तान को आहत किया, जो अगस्त, 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के हटने के बाद बांग्लादेश के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा था. दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने 18 महीनों के कार्यकाल........