रिलायंस-बीपी की मुश्किलें बढ़ीं, केजी-डी6 विवाद में सरकार ने मांगा 30 अरब डॉलर का मुआवजा |
KG-D6 Dispute: कृष्णा-गोदावरी बेसिन के केजी-डी6 गैस क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है1 केंद्र सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और उसकी विदेशी साझेदार बीपी से 30 अरब डॉलर से अधिक के मुआवजे की मांग की है. यह दावा प्राकृतिक गैस उत्पादन के तय लक्ष्यों को पूरा न कर पाने को लेकर किया गया है. घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह मांग तीन-सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष रखी है.
सूत्रों के मुताबिक, इस करीब 14 साल पुराने विवाद पर मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष सुनवाई 7 नवंबर को पूरी हो चुकी है. अब न्यायाधिकरण अगले वर्ष किसी समय अपना फैसला सुना सकता है. फैसले से असंतुष्ट किसी भी पक्ष के पास सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प रहेगा. फिलहाल, इस मामले पर रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.
सरकार का आरोप है कि रिलायंस-बीपी ने केजी-डी6 ब्लॉक में जरूरत से ज्यादा बड़ी उत्पादन सुविधाएं विकसित कीं, लेकिन इसके बावजूद प्राकृतिक गैस उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल नहीं किया. सरकार........