फिल्म की कहानी नहीं हकीकत: कुंभ में बिछड़े पिता को मृत मानकर किया था दाह संस्कार, 24 साल बाद जिंदा लौटे |
Bihar News: (मनीष राज सिंघम, औरंगाबाद) कुंभ मेले में बिछड़े एक पिता को परिवार ने मृत मान लिया. वर्षों इंतजार के बाद सामाजिक परंपरा के अनुसार उनका पुतला बनाकर श्राद्ध और दाहसंस्कार तक कर दिया गया. लेकिन 24 साल बाद वही पिता जिंदा लौट आए. जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिजनों की आंखों में आंसू और चेहरे पर खुशी एक साथ छलक पड़ी. यह कहानी किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि बाइसन प्रखंड के सिरिस टोले भीमपुर गांव निवासी 65 वर्षीय रामप्रसाद महतो की सच्ची दास्तान है.
करीब 41 वर्ष की उम्र में रामप्रसाद महतो वर्ष 2001 में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में लगे कुंभ मेले में परिवार से बिछड़ गए थे. उस दिन के बाद से उनका परिवार उन्हें खोजता रहा, लेकिन किस्मत ने वर्षों तक उन्हें एक-दूसरे से दूर रखा. अब 24 साल बाद रामप्रसाद अपने बेटे संतोष कुशवाहा के साथ घर लौट रहे हैं. वे पंजाब के जालंधर के पास एक आश्रम में मिले........